नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की गुजरात में इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज सस्पेंड किए जाने की याचिका की सुनवाई करते हुए केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने इस याचिका को पहले से लंबित समान मामलों के साथ टैग करने का फैसला किया. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से तुषार मेहता पेश हुए. उन्होंने अदालत से कहा कि अलग से नोटिस जारी करने की आवश्यकता नहीं है और मामले को समान लंबित याचिकाओं के साथ सुना जा सकता है.
सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी की ओर से वरिष्ठ वकील शादन फरासत अदालत में पेश हुए. उन्होंने दलील दी कि सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 79(3)(b) का गलत इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने कहा कि यह धारा केवल सोशल मीडिया इंटरमीडियरी को मिलने वाली ‘सेफ हार्ब’ सुरक्षा से जुड़ी है, लेकिन इसका उपयोग सोशल मीडिया अकाउंट बंद करने के लिए किया गया है.
पार्टी की ओर से अदालत में कहा गया कि गुजरात से जुड़े उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म बंद कर दिए गए हैं, जिससे पार्टी की गतिविधियां इफेक्टेड हो रही हैं. इसी आधार पर आम आदमी पार्टी ने अंतरिम राहत की भी मांग की. हालांकि अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले को अन्य संबंधित मामलों के साथ टैग कर दिया. अब इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान यह तय होगा कि सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड करने की प्रक्रिया कानूनी दायरे में थी या नहीं.



