लंदन से उड़ान भरने के करीब 10 घंटे बाद तक सबकुछ ठीक था. प्लेन में बैठे पैसेंजर अपनी-अपनी सीटों पर थे. कोई फिल्म देख रहा था, कोई किताब पढ़ रहा था तो कोई लंबी उड़ान के बाद आंखें मूंदकर आराम करने की कोशिश कर रहा था. ब्रिटेन के रहने वाले 73 वर्षीय ज्योफ किचन और उनकी पत्नी 74 वर्षीय लिंडा किचन भी सपनों की एक लंबी छुट्टी पर निकले थे. लेकिन, उन्हें नहीं पता था कि कुछ ही सेकंड बाद आसमान में ऐसा खौफनाक मंजर बनेगा, जो लिंडा की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देगा.
दरअसल यह कहानी सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट SQ321 की है. 21 मई 2024 को यह फ्लाइट लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से सिंगापुर के लिए टेकऑफ हुई थी. इस प्लेन में मौजूद 211 पैसेंजर्स में ज्योफ किचन और उनकी पत्नी लिंडा भी शामिल थी. इस दंपति को पहले सिंगापुर पहुंचना था. वहां पर कुछ दिन बिताने के बाद इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना होना था. करीब दस घंटे के हवाई सफर के बाद यह फ्लाइट जैसे ही म्यांमार के ऊपर पहुंची, उसे एक बेहद खौफनाक टर्बुलेंस ने अपनी चपेट में ले लिया.
अचानक लगा जैसे प्लेन आसमान से गिर रहा हो
एक विदेशी न्यूज पेपर को दिए इंटरव्यू में लिंडा किचन ने उस भयावह पल को याद करते हुए बताया कि उड़ान के दौरान पहले भी हल्का टर्बुलेंस महसूस हुआ था. यूरोप और समुद्र के ऊपर से गुजरते वक्त प्लेन थोड़ा हिल रहा था. लेकिन, उड़ान के करीब 10 घंटे बाद जो हुआ, उसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी. अचानक ऐसा लगा जैसे प्लेन नीचे की तरफ गिर रहा है. लिंडा के हाथ में मौजूद किंडल और उनके पति ज्योफ का फोन फर्श पर जा गिरा. कुछ समझ पातीं, उससे पहले प्लेन ने अचानक ऊंचाई खोना शुरू कर दी. महज पांच सेकंड के भीतर प्लेन करीब 178 फीट नीचे जा गिरा था. इस बीच, पैसेंजर्स के शरीर हवा में उछलने लगे थे. लिंडा अपनी सीट से पीछे की तरफ जा गिरीं. उन्हें शरीर में तेज दर्द महसूस हुआ.
पत्नी के ऊपर आ गिरे ज्योफ, मदद के लिए चीखती रही लिंडा
लिंडा किचन के अनुसार, टर्बुलेंस के झटके के दौरान ज्योफ किचन भी अपनी सीट से उछल गए और उनके ऊपर आ गिरे. लिंडा बुरी तरह सीट और आर्मरेस्ट के बीच दब गईं. वह खुद को हिला भी नहीं पा रही थीं. वह लगातार मदद के लिए चीख रही थीं. आखिरकार दो पैसेंजर उनके पास पहुंचे और ज्योफ को हटाने में मदद की. उन्हें प्लेन के इमरजेंसी एग्जिट के पास ले जाया गया. एक डॉक्टर को बुलाया गया और वहीं सीपीआर देना शुरू कर दिया गया. प्लेन के भीतर अफरा-तफरी मची हुई थी. लोग घायल पड़े थे, सामान और खाने-पीने की चीजें फर्श पर बिखरी थीं. कई पैसेंजर्स को समझ ही नहीं आ रहा था कि आखिर कुछ सेकंड पहले हुआ क्या था. लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद ज्योफ को बचाया नहीं जा सका.
दो दिन बाद मिली पति की मौत की खबर
लिंडा खुद गंभीर रूप से घायल हो चुकी थीं. उनकी रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया था और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. इस बीच उन्हें अपने पति से अलग कर दिया गया. लिंडा को अंदाजा था कि ज्योफ की हालत ठीक नहीं है, लेकिन वह जिस खबर का सामना करने वाली थीं, उसके लिए कोई तैयार नहीं हो सकता था. अस्पताल में भर्ती होने के दो दिन बाद उन्हें बताया गया कि उनके पति की मौत हो चुकी है. लिंडा के लिए यह खबर किसी सदमे से कम नहीं थी. उन्होंने कहा कि जब उन्हें ज्योफ से अलग किया गया था, तब उन्हें पता था कि उनकी हालत गंभीर है, लेकिन यह कभी नहीं सोचा था कि वह उन्हें फिर कभी नहीं देख पाएंगी. एक तरफ पति को खोने का गम था, दूसरी तरफ खुद की गंभीर चोटों का दर्द. उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत सफर अचानक सबसे भयावह याद में बदल चुका था.
एक पल में छिन गया 52 साल का साथ
ज्योफ और लिंडा की शादी को 52 साल हो चुके थे. दोनों ने एक लंबा और खुशहाल जीवन साथ बिताया था. परिवार को उम्मीद थी कि ज्योफ अपने पोते-पोतियों को बड़ा होते देखेंगे और आने वाले कई साल परिवार के साथ बिताएंगे. लेकिन एक हवाई सफर ने सब कुछ बदल दिया. ज्योफ के पीछे उनकी पत्नी, दो बच्चे और चार पोते-पोतियां रह गए. उनके बच्चों की उम्र 48 और 45 साल बताई गई है. लिंडा कहती हैं कि उन्होंने सिर्फ अपने पति को नहीं खोया, बल्कि अपना जीवनसाथी और सबसे करीबी दोस्त खो दिया है. उनके शब्दों में हमारी शादीशुदा जिंदगी खुशहाल और पूरी थी. अब मैंने अपना सोलमेट खो दिया है.
अब एयरलाइन के खिलाफ लड़ रहीं है कानूनी लड़ाई
लिंडा किचन उन ब्रिटिश पैसेंजर्स में शामिल हैं जिन्होंने इस घटना के बाद सिंगापुर एयरलाइंस के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की थ्ज्ञी. उन्होंने अपनी चोटों और अपने पति की मौत को लेकर मुआवजे की मांग की थी. मामला वहां की हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है. किचन परिवार की ओर से दो अलग-अलग दावे दाखिल किए गए हैं. एक लिंडा की चोटों से जुड़ा है, जबकि दूसरा उनके पति की संपत्ति और मौत से जुड़ा है. परिवार अब ज्योफ की मौत को लेकर होने वाली कोरोनर जांच का भी इंतजार कर रहा है. लिंडा का कहना है कि कोई भी कानूनी कार्रवाई उनके पति को वापस नहीं ला सकती. लेकिन वह जानना चाहती हैं कि आखिर उस दिन क्या हुआ और क्या ऐसी त्रासदी को रोका जा सकता था.



