भारत के ऊर्जा क्षेत्र से एक ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर हर देशवासी खुश हो जाएगा. पश्चिम बंगाल की धरती ने अब ‘काला सोना’ यानी कच्चा तेल उगलना शुरू कर दिया है. तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) को बंगाल बेसिन में ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है. केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अशोकनगर क्षेत्र में विकास कुएं ‘एएस-1जेड’ (AS-1Z) की ड्रिलिंग शुरू होने के तीन महीने से भी कम समय के भीतर ओएनजीसी ने यहां से हल्के और बेहद उच्च गुणवत्ता वाले क्रूड ऑयल को निकालना शुरू कर दिया है.
अशोकनगर क्षेत्र से निकले कच्चे तेल की पहली खेप को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) की हल्दिया रिफाइनरी भेज भी दिया गया है. इस मौके पर आयोजित समारोह में स्थानीय विधायक डॉ. सुमय हीरा और ओएनजीसी के रिसर्च निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बंगाल बेसिन में कच्चे तेल का उत्पादन शुरू होने से बंगाल अब देश के प्रमुख हाइड्रोकार्बन उत्पादक राज्यों की कतार में खड़ा हो गया है. पुरी ने कहा कि अशोकनगर की यह खोज न केवल पश्चिम बंगाल के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे पूरे बंगाल बेसिन में तेल और गैस की खोज तथा उत्पादन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
विदेशी तेल पर घटेगी निर्भरता
भारत फिलहाल अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से भारी-भरकम रकम चुकाकर आयात करता है. ऐसे में बंगाल बेसिन में मिला यह तेल का भंडार देश की आयात निर्भरता को घटाने में गेमचेंजर साबित होगा. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मुताबिक, अशोकनगर की इस सफलता से पूरे बंगाल बेसिन में तेल और गैस खोज के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे राज्य में भारी निवेश आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.



