शेयर बाजार में आज 12 मई को लगातार दूसरे दिन बिकवाली देखने को मिल रही है. सुबह 10 बजे सेंसेक्स 706 अंक गिरकर 75,309 पर कारोबार करते हुए नजर आया. निफ्टी 188 अंक टूटकर 23,627.50 के स्तर पर पहुंच गया है. इस गिरावट की वजह से निवेशकों के लगभग 6 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाने, सोने की खरीदारी और विदेशी यात्रा को लेकर दिए गए बयान के बाद शेयर बाजार में दबाव बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों और कमजोर खपत की चिंता के बीच दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों की करीब ₹6 लाख करोड़ की संपत्ति साफ हो गई है.
आज सबसे अधिक दबाव आईटी शेयरों पर देखा जा रहा है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया है. इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक में 3 फीसदी से अधिक दबाव देखा जा रहा है. निफ्टी रिएल्टी, फाइनेंशियल सर्विसेस सेक्टर में भी बिकवाली का मूड नजर आया है. शेयर बाजार में आज गिरावट की क्या-क्या वजहें हैं, ये बताते हैं.
भारतीय रुपया रिकॉर्ड लो लेवल पर
12 मई को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. डॉलर का भाव पहली बार ₹95.50 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 10% कमजोर हो चुका है, जबकि लंबे समय में इसकी औसत सालाना गिरावट करीब 3% रही है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) अभी करीब 690 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर हैं, जिससे RBI को आने वाले भविष्य में रुपये में उतार-चढ़ाव संभालने के लिए कुछ राहत मिल सकती है.



