प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोने को लेकर एक अहम घोषणा की है. इसके बाद पूरा देश सोने पर चर्चा कर रहा है, जबकि ज्वैलर्स एसोसिएशन ने हाल ही में इस मुद्दे पर सरकार को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा है कि सोने की खरीद को टालना समस्या का समाधान नहीं है. ऐसा करने से 35 लाख लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी. ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड ज्वैलर्स फेडरेशन (एआईजेजीएफ) ने केंद्र सरकार को यह स्पष्ट कर दिया है कि विदेशी मुद्रा बचाने का सही तरीका घरेलू सोने को जुटाना और उसका दोबारा इस्तेमाल करना है.
इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन में गंभीर समस्या आ गई है. इस संदर्भ में पीएम मोदी ने रविवार को आम नागरिकों से देश के विदेशी मुद्रा भंडार को संरक्षित रखने के लिए कुछ समय के लिए सोने की खरीदारी स्थगित करने की अपील की है. इसके बाद आभूषण उद्योग ने इस अपील पर गंभीर चिंता जताई है.
प्रधानमंत्री की टिप्पणियों के मद्देनजर, एआईजेजीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज अरोरा ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट और आयात बिलों में वृद्धि को लेकर सरकार की चिंता को वे समझ सकते हैं. हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि वैकल्पिक रचनात्मक उपाय दिखाए बिना खरीद रोकने का आह्वान करने से आभूषण उद्योग नष्ट हो जाएगा.



