एलन मस्क की स्टारलिंक के भारत में प्रवेश और उनके ओलिगार्क्स वाले आरोपों पर बहस छिड़ गई है. मस्क की मंशा पर अब भारत के पत्रकार और टिप्पणीकार एस गुरुमूर्ति ने सवाल उठाए हैं. गुरुमूर्ति ने शनिवार को कहा कि टेक अरबपति विदेशी होकर भी भारत में राजनीति खेल रहे हैं. ऐसे में एलन मस्क पर कैसे भरोसा किया जा सकता है.
गुरुमूर्ति ने मस्क की उपग्रह इंटरनेट सेवा स्टारलिंक को भारत में बढ़ाने के इरादों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि मस्क भारत में राजनीति करने से पहले अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ की राजनीति में भी शामिल हो चुके हैं और वहां प्रभाव डाल चुके हैं.
गुरुमूर्ति ने ट्वीट कर कहा, ‘आप, मिस्टर मस्क, भारत में राजनीति खेल रहे हैं, जो एक विदेशी होने के नाते आपको नहीं करनी चाहिए. अगर आप राजनीति खेलते हैं, तो हम आप पर कैसे भरोसा करें और आपको हमारे संचार क्षेत्र में आने दें, जो हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है?’
मस्क की अभी तक की राजनीतिक गतिविधियों का जिक्र करते हुए गुरुमूर्ति ने आगे कहा कि अरबपति के व्यापारिक हितों को उनकी राजनीतिक गतिविधियों से अलग नहीं देखा जा सकता.
उन्होंने आगे लिखा.’आपका रिकॉर्ड है कि आपने 2024 में अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव की राजनीति में गहराई से हिस्सा लिया और यूरोपीय संघ व ब्रिटेन में भी. हम आप पर भरोसा नहीं कर सकते, जो मुझे व्यापारी से ज्यादा राजनेता लगते हैं,’
श्रीधर वेंबू ने भी एलन मस्क के आरोपों को नकारा
गुरुमूर्ति ने जोहो कॉर्पोरेशन के वैज्ञानिक और पूर्व सीईओ श्रीधर वेंबू के एक पोस्ट को रीट्वीट करते हुए जवाब दिया. इस पोस्ट में वेंबू ने मस्क की टिप्पणियों में विरोधाभास बताया था. वेंबू ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे सस्ती इंटरनेट सेवाएं देता है, जबकि अमेरिका में टेस्ला को चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रतिस्पर्धा से सुरक्षा मिलती है.
“प्रधानमंत्री मोदी ने एक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है, जहां फायदा आम भारतीय को मिलता है. उनकी सरकार एकाधिकार बर्दाश्त नहीं करती. उन्होंने स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दिया है, और यही एक बहुत प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था का सबसे अच्छा संकेत है,” वेंबू ने अपने पोस्ट में लिखा.
गुरुमूर्ति ने आगे कहा कि एलन मस्क का पुराना रिकॉर्ड बताता है कि वे देशों की राजनीति में किस तरह दखल देते हैं. अमेरिका के 2024 के राष्ट्रपति अभियान में मस्क डोनाल्ड ट्रंप सबसे बड़े आर्थिक समर्थक बनकर उभरे. फेडरल इलेक्शन कमीशन के दस्तावेजों के अनुसार उन्होंने ट्रंप का समर्थन करने वाले समूहों को करीब 259 मिलियन डॉलर दान दिए, जिससे वे अभियान के सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में शामिल हो गए. उनके समर्थन ने ट्रंप के प्रमुख राजनीतिक सहयोगी के रूप में उनकी स्थिति मजबूत की और रिपब्लिकन राजनीतिक हलकों में उन्हें काफी प्रभाव दिया.
मस्क ने ब्रिटिश राजनीति में भी किया हस्तक्षेप
गुरुमूर्ति ने कहा कि मस्क ने ब्रिटिश राजनीति में भी कई हस्तक्षेप किए हैं. जिनपर काफी विवाद भी हुआ है. उन्होंने ब्रिटेन को “तानाशाही पुलिस राज्य” कहा और पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को “टू-टियर कीर” तक कह दिया था. उन्होंने दावा किया कि न्याय व्यवस्था दक्षिणपंथी समूहों के खिलाफ भेदभाव करती है. उन्होंने ब्रिटेन के खेती संबंधी विरासत कर में प्रस्तावित बदलावों पर भी हमला बोला और देश की दिशा को “पूरी तरह स्टालिन जैसा” बताया.
गुरुमूर्ति ने कहा कि मस्क ने ब्रिटिश राजनीति में भी कई हस्तक्षेप किए हैं. जिनपर काफी विवाद भी हुआ है. उन्होंने ब्रिटेन को “तानाशाही पुलिस राज्य” कहा और पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को “टू-टियर कीर” तक कह दिया था. उन्होंने दावा किया कि न्याय व्यवस्था दक्षिणपंथी समूहों के खिलाफ भेदभाव करती है. उन्होंने ब्रिटेन के खेती संबंधी विरासत कर में प्रस्तावित बदलावों पर भी हमला बोला और देश की दिशा को “पूरी तरह स्टालिन जैसा” बताया.
स्टारलिंक भारत प्रवेश विवाद क्या है?
बता दें कि एलन मस्क की स्पेसएक्स द्वारा संचालित स्टारलिंक उपग्रहों के नेटवर्क के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है और दूरदराज व कम सेवा वाले क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड की पहुंच बढ़ाता है. एलन मस्क ने कुछ दिन पहले ही भारत में इसके प्रवेश को लेकर ऐलान किया था. हालांकि स्टारलिंक की एंट्री को लेकर विवाद तब और बढ़ा जब मस्क ने दावा किया कि कुछ “ओलिगार्क्स” यानि कुलीन लोग उनकी कंपनी के भारत लॉन्च को रोक रहे हैं. हालांकि भारत सरकार ने इन आरोप को मजबूती से खारिज कर दिया था. वहीं अब गुरुमूर्ति ने भी इस पूरे विवाद पर टिप्पणी की है.
बता दें कि एलन मस्क की स्पेसएक्स द्वारा संचालित स्टारलिंक उपग्रहों के नेटवर्क के जरिए इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करता है और दूरदराज व कम सेवा वाले क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड की पहुंच बढ़ाता है. एलन मस्क ने कुछ दिन पहले ही भारत में इसके प्रवेश को लेकर ऐलान किया था. हालांकि स्टारलिंक की एंट्री को लेकर विवाद तब और बढ़ा जब मस्क ने दावा किया कि कुछ “ओलिगार्क्स” यानि कुलीन लोग उनकी कंपनी के भारत लॉन्च को रोक रहे हैं. हालांकि भारत सरकार ने इन आरोप को मजबूती से खारिज कर दिया था. वहीं अब गुरुमूर्ति ने भी इस पूरे विवाद पर टिप्पणी की है.



