प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देश में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना है. इस योजना के तहत घर की छत पर लगाए गए सोलर पैनल सूर्य की रोशनी से बिजली तैयार करते हैं. यदि घर में खपत कम होती है और उत्पादन ज्यादा, तो बची हुई बिजली अपने आप सरकारी ग्रिड में चली जाती है. इस अतिरिक्त बिजली को बिजली वितरण कंपनियां खरीदती हैं, जिससे उपभोक्ता को आर्थिक लाभ मिलता है. विशेषज्ञों का कहना है कि बड़ी छत और सीमित बिजली खपत वाले परिवारों को इस योजना से सबसे ज्यादा फायदा मिल सकता है.
इस योजना की सफलता का आधार नेट मीटरिंग सिस्टम है. सामान्य बिजली मीटर केवल बिजली की खपत रिकॉर्ड करता है, जबकि नेट मीटर दो दिशाओं में काम करता है. यह एक तरफ ग्रिड से ली गई बिजली को रिकॉर्ड करता है और दूसरी तरफ सोलर सिस्टम से ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त बिजली को भी दर्ज करता है.



