दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस ने 23 अप्रैल को अपने चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए. कंपनी का कुल मुनाफा (कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट) तिमाही के आधार पर 27.8% बढ़कर ₹8,501 करोड़ हो गया. यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से ज्यादा है, क्योंकि एनालिस्ट्स ने करीब ₹7,670 करोड़ का अनुमान लगाया था.
वहीं, कंपनी की कुल कमाई (रेवेन्यू) इस तिमाही में ₹46,402 करोड़ रही, जो पिछली तिमाही के मुकाबले करीब 2% ज्यादा है.हालांकि रेवेन्यू में बढ़त उम्मीद के आसपास रही, लेकिन इसे बहुत मजबूत ग्रोथ नहीं माना जा रहा है.
कंपनी के बिजनेस में अभी तेजी से ग्रोथ नहीं
इंफोसिस की कमाई में तिमाही के आधार पर सिर्फ 2% की बढ़त हुई है. अगर डॉलर के उतार-चढ़ाव (कॉनस्टेंट करेंसी) को हटाकर देखें, तो यह बढ़त और भी कम नजर आती है. इससे साफ है कि कंपनी के बिजनेस में अभी तेजी से ग्रोथ नहीं हो रही है और रफ्तार थोड़ी धीमी बनी हुई है.
Infosys के मार्च तिमाही नतीजे बाजार बंद होने के बाद आए है और आज 24 अप्रैल को कंपनी के शेयरों पर इसका असर देखने को मिलेगा. अमेरिका में लिस्टेड कंपनी के शेयरों में रात भर करीब 5% की गिरावट रही, जबकि एक समय यह गिरावट लगभग 6.5% तक पहुंच गई थी.
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रोकरेज फर्म Nomura ने नतीजों के बाद भी Infosys पर अपना भरोसा बनाए रखा है और Buy की सलाह दी है. साथ ही, उसने कंपनी का टारगेट प्राइस ₹1,630 से बढ़ाकर ₹1,640 कर दिया है. बड़े आईटी शेयरों में Nomura ने Infosys को अपना टॉप पिक भी माना है.
Nomura के नए टारगेट प्राइस के हिसाब से, गुरुवार के क्लोजिंग भाव से शेयर में करीब 33% तक बढ़त की संभावना बनती है. नतीजों से पहले गुरुवार को शेयर दिन के सबसे निचले लेवल पर बंद हुआ था. पिछले दो ट्रेडिंग सेशन्स में इसमें पहले ही करीब 5.5% की गिरावट आ चुकी है.
रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस
ब्रोकरेज का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 के लिए Infosys की 1.5% से 3.5% रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस ऐवरेज इन-लाइन है. साथ ही BFSI और यूरोप से जुड़े बिजनेस (EURS) में आगे बेहतर परफॉर्मेंस की उम्मीद जताई गई है.
Nomura के अनुसार, Infosys का EBITA मार्जिन करीब 21% पर स्थिर रह सकता है, जो कंपनी के 20% से 22% के गाइडेंस रेंज के बीच है. चौथी तिमाही में कंपनी की कॉनस्टेंट करेंसी रेवेन्यू 1.6% घटी, जो अनुमानित 0.6% गिरावट से ज्यादा है. वहीं, इस तिमाही में डील्स की कुल वैल्यू 3.2 अरब डॉलर रही, जो पिछले तीन तिमाहियों के औसत 4.5 अरब डॉलर से कम है.



