देश में रसोई गैस की सप्लाई को लेकर सरकार ने नए आंकड़े जारी किए हैं. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक 17.25 लाख से ज्यादा 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडर बेचे जा चुके हैं. ये सिलेंडर खास तौर पर उन प्रवासी मजदूरों के लिए मददगार साबित हो रहे हैं जिन्हें बड़े सिलेंडर लेने में दिक्कत होती है.
मंत्रालय ने बयान में कहा कि 3 अप्रैल से अब तक सरकारी तेल कंपनियों यानी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) ने 6,450 से ज्यादा जागरूकता कैंप लगाए हैं, जिनमें 90,000 से ज्यादा 5 किलो सिलेंडर बेचे गए. ये 5 किलो एफटीएल सिलेंडर राज्य सरकारों को दिए जा रहे हैं, ताकि वे ओएमसी की मदद से अपने राज्यों में प्रवासी मजदूरों को इन्हें उपलब्ध करा सकें.
कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बढ़ी
इस बीच, कमर्शियल एलपीजी की कुल सप्लाई को बढ़ाकर संकट से पहले के स्तर का लगभग 70 फीसदी कर दिया गया है, जिसमें 10 फीसदी सुधार-आधारित आवंटन भी शामिल है. 17 अप्रैल को 8,216 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई, जो करीब 4.32 लाख 19 किलो वाले सिलेंडरों के बराबर है. वहीं, 14 मार्च से अब तक कुल 1,58,583 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची जा चुकी है. इसमें 9,200 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी भी शामिल है.
इस बीच, कमर्शियल एलपीजी की कुल सप्लाई को बढ़ाकर संकट से पहले के स्तर का लगभग 70 फीसदी कर दिया गया है, जिसमें 10 फीसदी सुधार-आधारित आवंटन भी शामिल है. 17 अप्रैल को 8,216 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई, जो करीब 4.32 लाख 19 किलो वाले सिलेंडरों के बराबर है. वहीं, 14 मार्च से अब तक कुल 1,58,583 मीट्रिक टन कमर्शियल एलपीजी बेची जा चुकी है. इसमें 9,200 मीट्रिक टन से ज्यादा ऑटो एलपीजी भी शामिल है.



