संसद का विशेष सत्र आज यानी गुरुवार 16 अप्रैल 2026 को शुरू हुआ. स्पेशल सेशन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम यानी महिला आरक्षण कानून में संशोधन को लेकर विधेयक पेश किया गया. इसके साथ ही परिसीमन से जुड़ा विधेयक भी पेश किया गया. इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में लामबंदी तेज हो गई है. लोकसभा में कुल मिलाकर तीन विधेयक पेश किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर बाद तीन बजे लोकसभा को संबोधित करेंगे. विपक्षी दल लाए जा रहे विधेयक का विरोध किया, जिसके बाद इसे पेश करने को लेकर वोटिंग करानी पड़ी. समर्थन में 251 तो विरोध में 185 मत पड़े. बता दें कि NDA का लोकसभा में कुल 293 सदस्य हैं, जबकि वोट 251 सदस्यों ने ही डाला. इस तरह 42 सदस्यों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया.
NDA यानी नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस के पास लोकसभा में संशोधन विधेयक के लिए आंकड़ा फिलहाल नहीं है. ऐसे में सत्तारूढ़ गठबंधन को संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के लिए विपक्ष की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.
लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन
- लोकसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि किसी देश के जीवन में कुछ पल ऐसे आते हैं, जब समाज की सोच और नेतृत्व की क्षमता मिलकर उन्हें राष्ट्रीय विरासत में बदल देते हैं, और आज वही क्षण भारत के सामने है. प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण का विचार 25 से 30 साल पहले आया था और उसी समय इसे लागू हो जाना चाहिए था. हालांकि लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि समय के साथ सुधार होते रहते हैं और अब यह विधेयक परिपक्व रूप में देश के सामने है. उन्होंने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि हजारों वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा में यह एक नई दिशा जोड़ने वाला अवसर है.
- पीएम मोदी ने कहा कि देश की आधी आबादी को नीति निर्माण में भागीदारी देना समय की मांग है. विकसित भारत केवल रेल, सड़क और आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है. असली विकसित भारत वही है, जहां सबका साथ, सबका विकास नीति निर्माण में दिखे. उन्होंने सांसदों से अपील की कि इस अवसर को हाथ से न जाने दें. विपक्ष को संदेश देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग महिला आरक्षण का विरोध करेंगे, देश की महिलाएं उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं की भागीदारी भारत की राजनीति और भविष्य दोनों तय करेगी.
दूसरी तरफ, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के लिए गुरुवार को एक विधेयक संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें संसद के निचले सदन में सदस्यों की मौजूदा संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है. इसके साथ ही सरकार परिसीमन आयोग के गठन के लिए भी एक विधेयक तथा इनसे संबंधित केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन विधेयक), 2026 लाने की तैयारी में है.



