शेयर बाजार की जानकारी देने के नाम पर निवेशकों को अनधिकृत ट्रेडिंग कॉल्स देने वालों के खिलाफ पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड (ASTPL) और इसके मुख्य कर्ता-धर्ता अवधूत साठे को ₹546.17 करोड़ वापस लौटाने का आदेश दिया है. अवधूत साठे और उनकी कंपनी को आदेश मिलने के 5 महीने के भीतर पूरी 546.17 करोड़ रुपये की रकम एक विशेष बैंक खाते में जमा करनी होगी.
साथ ही, 30 दिनों के भीतर अंग्रेजी, हिंदी और एक प्रमुख स्थानीय भाषा के समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर रिफंड की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करनी होगी. जब तक यह पूरी रकम जमा नहीं हो जाती, तब तक संबंधित पक्षों के सभी बैंक खातों से पैसों की निकासी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
सेबी ने अवधूत साठे और उनकी कंपनी को 2 साल के लिए या रिफंड की प्रक्रिया पूरी होने तक शेयर बाजार से पूरी तरह बैन कर दिया गया है. इसके अलावा, कुल 11.5 करोड़ रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है, जिसे 45 दिनों के भीतर भरना होगा. इसमें कंपनी पर ₹6 करोड़, अवधूत साठे पर व्यक्तिगत रूप से ₹4 करोड़ और गौरी साठे पर ₹1.5 करोड़ की पेनल्टी शामिल है. यदि सभी दावेदारों को भुगतान के बाद कोई राशि बचती है, तो उसे सेबी को सौंपना होगा. यह राशि एक वर्ष तक एस्क्रो खाते में रखी जाएगी, ताकि पात्र निवेशकों और शिकायतकर्ताओं को भुगतान किया जा सके. इसके बाद भी यदि धन शेष रहता है तो उसे निवेशक संरक्षण एवं शिक्षा कोष (आईपीईएफ) में स्थानांतरित कर दिया जाएगा.
स्टॉक मार्केट की शिक्षा केवल दिखावा
सेबी की जांच में खुलासा हुआ कि अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी प्राइवेट लिमिटेड केवल स्टॉक मार्केट की शिक्षा देने का दिखावा कर रही थी, जबकि असल में बिना किसी वैध लाइसेंस के इनवेस्टमेंट एडवाइजरी और रिसर्च एनालिस्ट का गैर-कानूनी धंधा चलाया जा रहा था. जांच में सामने आया कि कंपनी कथित तौर पर एंट्री और एग्जिट स्तर, स्टॉप लॉस और शेयरों की कीमतों की दिशा से जुड़े सुझाव दे रही थी, जबकि इसके लिए आवश्यक नियामकीय पंजीकरण उसके पास नहीं था.



