भारतीय मौसम विभाग ने देश के विभिन्न हिस्सों को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है. जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में बार्फबारी रिकॉर्ड की गई है. इसका असर उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हवाओं में ठंडक घुलने लगी है. IMD ने दक्षिण भारत के लिए भी अलर्ट जारी किया है. मौसम विज्ञानियों की मानें तो साउथ इंडिया के अधिकांश इलाकों में आने वाले 7 दिनों तक बारिश होने का पूर्वानुमान है. मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं.
IMD के अनुसार, दक्षिण भारत में अगले 7 दिन तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. तमिलनाडु-केरल समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. गोवा, तमिलनाडु और केरल में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश दर्ज की गई है. आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 23 अक्टूबर तक तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है. वहीं, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 18 अक्टूबर को व्यापक बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने इस दौरान कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है. मौसम विभाग के मुताबिक, 17 अक्टूबर को सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान गोवा, तमिलनाडु और केरल में बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. इन क्षेत्रों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा हुई. इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में सात से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई.
तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की आशंका
आईएमडी के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 18-19 अक्टूबर तथा 21-23 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. 20 अक्टूबर को इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है. केरल और माहे में 18 से 23 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है. तटीय कर्नाटक में 20 से 22 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 18 से 23 अक्टूबर तक भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने 18 अक्टूबर को उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है. तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में 18 से 21 अक्टूबर के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी है.
मौसम विभाग ने केरल, माहे और लक्षद्वीप में गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई है. इन हवाओं के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भी 18 अक्टूबर को ऐसी ही मौसमी परिस्थितियां बन सकती हैं. उत्तर आंतरिक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 अक्टूबर तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. इनके झोंके 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं.
गोवा और महाराष्ट्र में आंधी का अनुमान
पश्चिम भारत में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है. गोवा और कोंकण तथा मराठवाड़ा में 19 अक्टूबर तक गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. मध्य महाराष्ट्र में 20 अक्टूबर तक ऐसी ही मौसमी गतिविधियां हो सकती हैं. गोवा और कोंकण में 18 अक्टूबर को गर्म और उमस भरा मौसम रहने की भी चेतावनी दी गई है.
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है. दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आसपास भी चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है. इसके अलावा उत्तर तमिलनाडु और उससे सटे दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से तक एक टर्फ लाइन फैली हुई है. पूर्व-मध्य अरब सागर में कर्नाटक तट से लेकर कोमोरिन क्षेत्र तक भी टर्फ बनी हुई है. इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है.



