उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेशवासियों को हरेली की बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की माटी, खेती-किसानी और लोक संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें गेड़ी सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। हरेली हमारी संस्कृति और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता को दर्शाता है। यह पर्व प्रकृति और अन्नदाता के प्रति सम्मान का भाव भी प्रकट करता है। हमारी लोक परंपराएं और त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका संरक्षण और संवर्धन हम सभी की जिम्मेदारी है।



