मलेरिया, डेंगू की स्क्रीनिंग के साथ त्वरित उपचार की व्यवस्था
अभियान के तहत स्वास्थ्य अमला घर-घर पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान कर उनकी जांच कर रहा है। आवश्यकतानुसार मलेरिया और डेंगू की स्क्रीनिंग के साथ त्वरित उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा सर्वे, मच्छरों के प्रजनन स्थलों का नष्टिकरण, फॉगिंग तथा दवाओं के छिड़काव जैसे प्रभावी उपाय लगातार किए जा रहे हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।
लोगों को किया जा रहा जागरूक
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनजागरूकता को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, पानी का जमाव रोकने, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने तथा बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
विभागों के समन्वय से स्वच्छता गतिविधियां संचालित
अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, नगरीय निकायों तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से व्यापक स्वच्छता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयास किए जा रहे हैं।
स्वच्छता अपनाएं, घरों के आसपास पानी जमा न होने दें – नागरिकों से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत बनाएं, घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें तथा किसी भी प्रकार के बुखार या संदिग्ध लक्षण होने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर जांच कराएं। प्रशासन का विश्वास है कि जनसहभागिता और सतत जागरूकता के माध्यम से मलेरिया मुक्त, स्वच्छ और स्वस्थ बस्तर के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकेगा।



