पिछले कुछ सप्ताह में सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली है. 10 मई को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,53,140 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो 28 जून तक घटकर लगभग 1,39,873 रुपये रह गई. यानी सोना करीब 13,267 रुपये सस्ता हो गया. इसी तरह चांदी की कीमत भी करीब 2,62,350 रुपये प्रति किलोग्राम से गिरकर 2,16,541 रुपये पर आ गई. इसका मतलब है कि चांदी करीब 45,809 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हुई है. कीमतों में यह गिरावट निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है.
PM मोदी ने क्यों की थी अपील?
10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की थी कि वे एक साल तक गैर-जरूरी खर्चों को टालें. उन्होंने खास तौर पर सोना खरीदने और विदेश घूमने जैसी चीजों पर फिलहाल खर्च न करने की सलाह दी थी. उनका कहना था कि इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत रहेगा और डॉलर की जरूरत कम होगी. साथ ही बढ़ते आयात बिल पर भी नियंत्रण रखा जा सकेगा. उस समय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए सरकार विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करना चाहती थी.
भारत में सोने का आयात क्यों है अहम?
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल है. देश में सोने की मांग का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करके पूरा किया जाता है. जब सोने का आयात बढ़ता है तो बड़ी मात्रा में डॉलर विदेश भेजना पड़ता है. इससे व्यापार घाटा बढ़ सकता है और रुपये पर भी दबाव आता है. यही कारण है कि सरकार लंबे समय से सोने के आयात को संतुलित रखने की कोशिश करती रही है. यदि लोग कम सोना खरीदते हैं तो आयात घट सकता है और विदेशी मुद्रा की बचत भी हो सकती है.



