नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई में 3 जून से मौद्रिक नीति समिति की बैठक शुरू हो रही है. इसका इसका परिणाम शुक्रवार 5 जून को आएगा. कई इकनॉमिस्ट का अंदाजा है कि रुपये की गिरावट को थामने के रिजर्व बैंक इस बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है. एमपीसी बैठक से पहले अर्थशात्रियों के बीच कराए सर्वे में उपभोक्ताओं के हित में संभावनाएं आई हैं. इस सर्वे में ज्यादातर इकनॉमिस्ट का कहना है कि इस बार ब्याज दरें यथावत रहेंगी और इसमें बदलाव का फैसला आगे टाला जा सकता है.
सर्वे में शामिल अधिकतर उत्तरदाताओं का मानना है कि बढ़ते महंगाई जोखिमों के बीच केंद्रीय बैंक वित्त वर्ष 2026-27 में बाद में फिर से नीतिगत सख्ती शुरू कर सकता है. सर्वेक्षण में शामिल 11 उत्तरदाताओं ने आगामी (जिसकी घोषणा शुक्रवार को होनी है) मौद्रिक समीक्षा बैठक में दरों को यथावत रखने की उम्मीद जताई, जबकि चार ने 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है.



