‘पैलेस ऑन व्हील्स’ को भारत की पहली लग्जरी हेरिटेज ट्रेन माना जाता है. इसकी शुरुआत 26 जनवरी 1982 को हुई थी और तब से यह हर साल सितंबर से अप्रैल के बीच ही चलाई जाती रही है. मई और जून की तेज गर्मी को देखते हुए इस ट्रेन का संचालन बंद कर दिया जाता था. लेकिन इस बार रेलवे अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन की जबरदस्त मांग सामने आई है. यही वजह है कि पहली बार इसे मई में चलाने का फैसला लिया गया. रेलवे का मानना है कि यह कदम राजस्थान पर्यटन के लिए भी बड़ा संदेश देगा कि अब गर्मी के मौसम में भी लग्जरी पर्यटन की मांग बढ़ रही है.
क्यों खास मानी जाती है ‘पैलेस ऑन व्हील्स’?
‘पैलेस ऑन व्हील्स’ सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि चलते-फिरते शाही महल जैसा अनुभव मानी जाती है. इसमें यात्रियों को राजसी ठाठ-बाट, लग्जरी कमरे, शानदार डाइनिंग और स्पा जैसी सुविधाएं मिलती हैं. ट्रेन के कई कोच राजस्थान की पुरानी रियासतों के नाम पर बनाए गए हैं, जिनमें जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे नाम शामिल हैं. अंदर की सजावट भी राजपूताना संस्कृति और शाही विरासत को ध्यान में रखकर की गई है. यही कारण है कि विदेशी पर्यटकों के बीच यह ट्रेन लंबे समय से बेहद लोकप्रिय रही है.
दिल्ली से शुरू होगा छह दिन का शाही सफर
रेलवे के मुताबिक यह विशेष यात्रा 20 मई से 25 मई तक चलेगी. ट्रेन दिल्ली के सफदरजंग स्टेशन से रवाना होगी और करीब 2,610 किलोमीटर का सफर तय करेगी. इस दौरान यह दुर्गापुरा, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जैसलमेर, बीकानेर और कई ऐतिहासिक शहरों से होकर गुजरेगी. इस लग्जरी ट्रेन को भारतीय रेलवे की ‘भारत गौरव ट्रेन पॉलिसी’ के तहत चलाया जा रहा है. ट्रेन का नंबर 00290 रखा गया है. छह दिन के इस सफर में यात्रियों को राजस्थान की संस्कृति, किले, महल और रेगिस्तानी खूबसूरती का शानदार अनुभव मिलेगा.



