पश्चिम एशिया में तनाव के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट के कारण दुनियाभर में ईंधन (पेट्रोल-डीजल) को लेकर बेचैनी देखी गई. अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से लेकर खुद को सबसे ताकतवर बताने वाले संयुक्त राज्य अमेरिका तक पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई गईं. वो यूएस जो खुद क्रूड ऑयल का सबसे बड़ा उत्पादक है. लेकिन भारत में ऐसा नहीं हुआ. यहां नॉर्मल पेट्रोल-डीजल के दाम जस के तस बने रहे. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि कीमतों को स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार ने 27 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर घटा दी थी. ऐसा करने से भले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में सीधे कोई कटौती नहीं दिखी लेकिन इतना जरूर हुआ कि दाम बढ़ने से रुक गए. इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिली.
लेकिन यह पहली बार नहीं है जब सरकार के फैसलों से पेट्रोल-डीजल के दामों में राहत मिली हो. पिछले कई सालों में ऐसे कई मौके आए हैं जब कीमतों में कटौती का असर सीधे आम लोगों की जेब पर दिखा है. कभी एक्साइज ड्यूटी कम हुई तो कभी ऑयल कंपनियों ने खुद कीमतें घटाईं.
पिछले कुछ सालों के आंकड़े देखें तो दिल्ली और मुंबई जैसे 2 बड़े शहरों के लिए 22 मई 2022 सबसे बड़ा दिन माना जाता है. इस दिन केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में 8 रुपये की कटौती की थी. इसके बाद पेट्रोल की कीमत में करीब 8.69 से 9.16 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई थी. इसी तरह 4 नवंबर 2021 को दिवाली से पहले 5 रुपये की कटौती हुई थी, जिससे दिल्ली समेत कई राज्यों में कीमतें तेजी से गिरी थीं
हालांकि, एक अहम बात यह भी है कि राजधानी में भले सबसे बड़ी कटौती मई 2022 में दिखी लेकिन कई राज्यों में इससे बड़ी गिरावट पहले ही हो चुकी थी. वैट घटाने के कारण पेट्रोल-डीजल की कीमतें एकदम से जमीन पर आ गई थीं.. केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2021 को एक्साइज ड्यूटी घटाने के साथ राज्यों से भी वैट कम करने को कहा था. इसके बाद 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने वैट घटाया, जिससे कई जगहों पर कीमतों में और ज्यादा गिरावट देखने को मिली.
राज्यों में वैट कटौती का असर
वैट कम होने के बाद पेट्रोल की कीमत पंजाब में सबसे ज्यादा करीब 16.02 रुपये प्रति लीटर गिरी थी. इसके बाद लद्दाख में 13.43 रुपये और कर्नाटक में 13.35 रुपये की गिरावट दर्ज की गई. उस समय अंडमान और निकोबार में पेट्रोल सबसे सस्ता करीब 82.96 रुपये प्रति लीटर था, जबकि जयपुर और मुंबई जैसे शहरों में कीमतें 115 से 117 रुपये प्रति लीटर के आसपास थीं.
डीजल की बात करें तो लद्दाख में सबसे ज्यादा करीब 19.61 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई थी. कर्नाटक और पुडुचेरी में भी 19 रुपये के आसपास राहत मिली थी. अंडमान और निकोबार में डीजल सबसे सस्ता करीब 77.13 रुपये प्रति लीटर था, जबकि जयपुर और विशाखापट्टनम जैसे शहरों में कीमतें 107 से 108 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थीं.



