देश इस समय भीषण गर्मी की गिरफ्त में है. उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तापमान 43 से 44 डिग्री तक पहुंच चुका है. लोग राहत के लिए आसमान की ओर देख रहे हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मानसून कब आएगा और कब यह तपती धरती ठंडी होगी. अच्छी खबर यह है कि इस बार इंतजार लंबा नहीं हो सकता. मौसम से जुड़े ताजा संकेत बता रहे हैं कि मानसून तय समय से पहले दस्तक दे सकता है. यानी छतरी और रेनकोट निकालने का वक्त उम्मीद से जल्दी आ सकता है. अगर अनुमान सही साबित हुए तो मई के आखिरी हफ्ते से ही बारिश की शुरुआत हो सकती है. यह न सिर्फ गर्मी से राहत देगा, बल्कि खेती-किसानी के लिए भी राहत भरी खबर होगी.
मौसम मॉडल्स और विशेषज्ञों की मानें तो इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून की चाल तेज दिखाई दे रही है. अंडमान-निकोबार से इसकी एंट्री सामान्य से पहले हो सकती है और इसके बाद यह तेजी से केरल की ओर बढ़ेगा. अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से उठने वाली नमी भरी हवाएं पहले ही सक्रिय होने लगी हैं. यही वजह है कि मानसून के शुरुआती संकेत अब साफ नजर आने लगे हैं. अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह सीजन समय से पहले शुरू होकर कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा बारिश भी दे सकता है.
कहां से होगी मानसून की एंट्री
- इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार मानसून हर साल सबसे पहले अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देता है. इस बार अनुमान है कि 18 से 25 मई के बीच यहां बारिश शुरू हो सकती है. इसके बाद 25 मई से 1 जून के बीच मानसून केरल पहुंच सकता है. यह सामान्य तारीख से थोड़ा पहले होगा. मौसम मॉडल्स के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मजबूत हवाएं बन रही हैं, जो भारी बारिश का कारण बन सकती हैं.
- इसके अलावा अरब सागर में भी नमी बढ़ रही है. यह संकेत है कि मानसून की रफ्तार तेज होगी. दक्षिण भारत, खासकर केरल और तमिलनाडु के हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश हो सकती है. इससे गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिलेगी और खेती की तैयारियां समय पर शुरू हो सकेंगी.



