देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले आईटी सेक्टर की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रहीं. पहले ग्लोबल मार्केट में जारी उठापटक और फिर ऑटोमेशन व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की वजह से हायरिंग पर बहुत असर पड़ा है. वित्तवर्ष 2025-26 में तो टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा इन सभी दिग्गज आईटी कंपनियों ने हायरिंग को रोक दिया. इतना ही नहीं, इन कंपनियों ने अपने यहां हजारों कर्मचारियों की संख्या उल्टे घटा दी है. वित्तवर्ष 2025 में जहां 12,718 कर्मचारियों की संख्या बढ़ी थी, वहीं पिछले वित्तवर्ष में 7,389 कर्मचारी कम हो गए.
पिछले वित्तवर्ष में सबसे बड़ा झटका टीसीएस ने दिया था, जब उसने एक साथ 12 हजार कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था. यह हाल-फिलहाल किसी भी भारतीय कॉरपोरेट कंपनी की ओर से की गई सबसे बड़ी छंटनी है. टीसीएस के इस कदम की वजह से आईटी सेक्टर पर काफी असर पड़ा और अन्य कंपनियों की हायरिंग करने के बावजूद ओवरआल सेक्टर में कर्मचारियों की संख्या में कमी ही दिख रही है. भारत की टॉप 5 आईटी कंपनियों में से 3 ने भर्ती की थी, लेकिन टीसीएस की छंटनी की वजह से कर्मचारियों की संख्या कम हो गई है.



