सैलरी और सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन करने वाले नोएडा और गाजियाबाद के श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है. हाई पावर्ड कमेटी ने सैलरी बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. सैलरी की नई दरें एक अप्रैल से लागू होगी. नॉन स्किल्ड श्रमिकों को अब 13,690 रुपये, सेमी स्किल्ड श्रमिकोंको अब 15,059 रुपये, स्किल्ड श्रमिकों को 16 हजार 868 रुपये मिलेंगे. बता दें कि नोएडा और गाजियाबाद में अकुशल मजदूरों को पहले 11313 रुपये महीना मिलता था, 1 अप्रैल से 13690 रुपये मिलेंगे. यूपी के अन्य नगर निगमऔर जनपदों में भी अलग-अलग रेट वृद्धि की गई है.
20000 हजार सैली वाले दावे को बताया झूठ
योगी सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का भी खंडन किया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है. सरकार ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर दी जा रही सूचना पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि केवल आधिकारिक सोर्स से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की गई है.
योगी सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का भी खंडन किया है, जिनमें यह दावा किया जा रहा था कि श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपये प्रति माह निर्धारित कर दिया गया है. सरकार ने अपने बयान में यह स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर दी जा रही सूचना पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठी है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि केवल आधिकारिक सोर्स से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करने की अपील की गई है.
राज्य सरकार ने अपने आदेश में क्या कहा
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य सरकार ने वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और श्रमिकों की मांगों को देखते हुए न्यूनतम वेतन में तत्काल रूप से अंतरिम वृद्धि करने का फैसला लिया है. अगले माह एक वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी अनुशंसाओं के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन का निर्धारण होगा. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश में एक समान न्यूनतम आधार रेखा तय करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है.
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक राज्य सरकार ने वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों और श्रमिकों की मांगों को देखते हुए न्यूनतम वेतन में तत्काल रूप से अंतरिम वृद्धि करने का फैसला लिया है. अगले माह एक वेज बोर्ड का गठन किया जाएगा, जिसकी अनुशंसाओं के आधार पर भविष्य में न्यूनतम वेतन का निर्धारण होगा. इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा नई श्रम संहिताओं के तहत पूरे देश में एक समान न्यूनतम आधार रेखा तय करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है.



