सीमा से सटे इलाकों में अब खतरा सिर्फ गोलियों या घुसपैठ तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि एक नई और खतरनाक चुनौती तेजी से सामने आ रही है. यह है ड्रोन के जरिए नशे और हथियारों की तस्करी. जम्मू-कश्मीर के कोरोटाना खुर्द में आधी रात को जो हुआ, उसने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी. जोगिंदर सिंह नाम के शख्स के खेत में मिला संदिग्ध पीला पैकेट सिर्फ एक बरामदगी नहीं, बल्कि उस नेटवर्क की ओर इशारा करता है जो सीमा पार से भारत में जहर घोलने की कोशिश कर रहा है. यह घटना बताती है कि दुश्मन अब नए तरीकों से वार कर रहा है और चुनौती पहले से ज्यादा जटिल हो चुकी है.
इस तरह की घटनाएं अब अपवाद नहीं रहीं. सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन ड्रॉप की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. हर नया पैकेट सुरक्षा के लिए एक नई पहेली बन जाता है. सवाल यह है कि क्या हम इस बदलते खतरे के लिए पूरी तरह तैयार हैं या फिर हर बार सिर्फ प्रतिक्रिया देने तक सीमित रहेंगे?



